Biceps ki size bdane ke liye excercise in hindi

1417
0
SHARE

लड़कों के बीच में बाइसेप्‍स बनाने का जुनून काफी तेजी के साथ चढ़ रहा है। जिम में जहां भी नज़र डालो वहीं पर ढेर सारे लड़के बारबेल लिये वेटलिफ्टिंग करते नज़र आ जाते हैं। मगर बाइसेप्‍स बनाना उतना आसान नहीं है जितना की आपको लगता है। अगर आपको बाइसेप्‍स या बॉडी बनानी है तो सबसे पहले अपने शरीर के हिस्‍सों के बारे में जानना पडे़गा, जिससे आप ठीक से वर्कआउट कर सकें। बाजु बनाने हैं तो पहले जान लें कि बाइसेप्‍स और ट्राइसेप्‍स होते क्‍या हैं। हमारे बाजु दो हिस्‍से में बंटी हैं, ऊपर की बाइसेप्‍स और नीचे की ट्राइसेप्‍स होती हैं। अगर आप दोनों की मासपेशियों को और तोड़ेंगे तो इनके भी कुल पांच हिस्‍से हो जाएंगे, जिनकी एक्‍सरसाइज अलग-अलग है।

अधिकतर लड़के जिम में गलत एक्‍सरसाइज़ करते हैं और 100 प्रतिशत रिजल्‍ट की कामना करते हैं। अगर आप बाइसेप्‍स बना रहे हैं तो इसे धीरे-धीरे, सही ढंग और सीलेके से करें ना कि तेजी-तेजी या फिर गलत तरीके से। अगर आप अपनी बाइसेप्‍स बनाने के लिये जिम ज्‍वाइन करने वाले हैं तो अपने ट्रेनर से अपना शेड्यूल जरुर बनवा लें, जिससे उसे सही से फॉलो कर के आप अपने लक्षय तक पहुंच सकें।

अगर आप एक महीने तक खून-पसीना बहा कर जिम में बाइसेप्स बारबेल कर्ल करेंगे तो हम गारंटी के साथ बोलते हैं कि आप 2 इंच तक अपने बाजू बढ़ा सकते हैं। आइये जानते हैं कुछ ऐसी कसरतें जो आप जिम में अपनी बाइसेप्‍स बनाने के लिये कर सकते हैं।

EXERCISE 1. चिन अप :

इस कसरत से बैक और बाजुओं पर खासतौर पर असर पड़ता है। चिनअप में हाथ सामने की ओर और कम दूरी पर होते हैं। ज्यादा प्रेशर हाथों पर पड़ता है। पुल अप से हल्की होती है। पुल अप में हाथ दूर होते हैं।

EXERCISE 2. बारबेल कर्ल :

ऐसे करें ई जेड बार में वाजिब वेट लगा कर खड़ें हो जाएं। वेट को अपने बाजुओं के दम पर ऊपर उठाते हुए अपने सीने से सटाएं। फिर एक सेकेंड के लिये रूक कर उसे नीचे ले जाएं। वेट उठाते वक्‍त अपनी कुहनियों और बैक को बिल्‍कुल फिक्‍स रखें। वेट ऊपर उठाते वक्‍त सांस छोड़ें और गिराते वक्‍त भरें।

EXERCISE 3. वन आर्म डंबल कर्ल

यह बाजुओं और कंधों में मजबूती पैदा कतरा है साथ ही बाजु को भरा बना कर साइज भी बड़ा करता है। इसको करने के लिये एक हाथ में डंबल ले कर कुहनियां मोड़ते हुए उसे कंधो तक छुआएं और फिर धीरे से नीचे करें।

EXERCISE 4. प्रीचर कर्ल :

इस एक्‍सरसाइज को ई जेड बार से किया जा सकता है। इसमें कंधे का ज्‍यादा यूज़ नहीं होता पर आर्म का लोअर पार्ट प्रयोग होता है। इसे आराम से बैठ कर किया जाता है। अगर आप बिगनर हैं तो आप 12- 15 बार का 3 सेट कर सकते हैं। और 60- 90 सेकेंड का रेस्‍ट बीच बीच में ले सकते हैं।

EXERCISE 5. इनक्‍लाइन डंबल कर्ल :

यह काफी प्रभावशाली एक्‍सरसाइज है। इसे बेंच पर थोडा लेट कर किया जाता है जिसमें पैर फैले होते हैं और दोनों हाथों में डंबल होती है। अपने एक हाथ को अपने आर्म की लेंथ पर ले जाएं। फिर अपनी कुहनियों को टॉर्सो के पास ले जाएं और हाथों की हथेलियों को बारी बारी से तब तक घुमाए जब तक कि वे सामने ना आएं। यह एक स्‍टार्टिंग पोजिशन है।

ना करें ये गल्‍तियां अथवा नहीं मिलेगा रिजल्‍ट

वेट उठाते वक्‍त शरीर से धक्‍का ना लगाएं। वेट को हमेशा कलाई, बाजु, कमर और पैरों की ऊर्जा से उठाएं। कंधे अपनी जगह पर होने चाहिये और कुहनियों को बॉडी से सटा कर रखें।

दुबले-पतले लोग क्‍या करें

दुबले लोग वेट उठाते वक्‍त अपनी पूरी जान ना लगाएं। इससे उनके बाइसेप्‍स कभी नहीं बनेंगे। हमेशा अपने ट्रेनर की बात सुनें।

असर क्‍यूं नहीं हो रहा

अगर कर्ल करते वक्‍त आपको कहीं दर्द नहीं हो रहा या फिर आप बाइसेप्‍स नहीं बन रहे हैं, तो या तो आप बहुत पतले हैं या फिर कर्ल करने का तरीका सही नहीं है।

Agar apko ye article pasand aya ho to aap ise apne friends ke sath facebook, twiter ya fir google plus par jarur share kare taki apke dost bhi is article ka labh utha sake.
Source by :hindi.boldsky.com

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here