योगासन जो बढ़ाते है रोग प्रतिरोधक क्षमता

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नियमित योग से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता और दूसरे शब्दों मे कहे तो इम्यून सिस्टम मजबूत होती है। जब शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है तो अनेक संक्रमण, बीमारियां , बैक्टीरिया, वायरस और फंगस शरीर को नुकसान नहीं पहुचा पाते है। इम्युनिटी बढ़ाने के लिए योग अच्छा विकल्प है।
आज के समय में बाजार में बहुत सारी दवाईया भी उपलब्ध है परन्तु उन दवाईयों के साइट इफेक्ट होने के ज्यादा चांस होते है। योग प्राकतिक तरीके सें रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाता है।

21 जून को विश्व योग दिवस है। इस योग दिवस पर आप भी सकल्प लें । रोजाना कम से कम आंधा द्यंटा सुबह सुबह योग करना है और अपने शरीर को मजबूत बनाना है।

कुछ इम्युनिटी बूस्टर योगासन जिन्हे आप अपने रोजाना के रुटीन में शामिल कर अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते है।

सूर्यनमस्कार:

इसे सात बार करना चाहिए। इसमें श्वास का भी ध्यान रखना होता है। प्राणायामका भी लाभ मिलता है। सूर्य से ऊर्जा मिलती और इम्युनिटी बढ़ती है। इसमें सात मुदाएं होती है। एक मिनट में एक अवस्था को पूरा करना चाहिए। रोजाना कम से कम 7 से 10 बार सूर्यनमस्कार करना चाहिए। सूर्यनमस्कार करने से दूसरे रोगों में भी आराम मिलता है।

पादंगुश्ठासनः

यह इम्यून सिस्टम के लिए फायदेमंद आसान माना जाता है। इसे बिग टो पोज भी कहते हैं। यह आसन मांसपेषियो को पैरो,रीढ और गर्दन के पीछे खींचने में मदद करता है। यह आसान थोड़ा कठिन होता है। इसे विषेशज्ञ से सीखे बिना करने की कोशिश न करे। इस आसान को करने से पीठ दर्द में आराम मिलता है।

शषांकासनः

इस आसान को नियमित करने से तनाव दूर होता है। तनाव और इम्यूनिटी का सीधा संबध है। तनाव से शरीर में आॅक्सीजन की कमी होती है। जिससे शरीर के अंगों को आॅक्सीजन नही मिल पाता है और जिससे शरीर की इम्यूनिटी कम होने लगती है । इस आसन को करने से मानसिक शांति का भी अनुभव होता है। इस आसान हो 8-10 बार तक कर सकते है।

मकरासन और श्वासन:

इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए मकरासन और ष्वासन काफी उपयोगी है। मकरासन , थकान, तनाव,डिप्रेषन अन्य मानसिक रोगों में लाभ पहुंचाता है। वही शवासन सभी यौगिक क्रियाओं करने कंे बाद करीब 5 मिनट करना चाहिए। इसमें गहरी सांस लेंते है जिससे शरीर के सभी अंगों को पर्याप्त आॅक्सीजन मिलती है।

पहली बार योग – प्राणायाम कर रहे है तो:

विषेशज्ञ से योग-प्राणायाम सीखने के बाद ही करें। योग क्रिया करने से पहले करीब 10 मिनट सूक्ष्म यौगिक क्रियाएं करे। इससे षरीर के सभी अंग सक्रिय होते है। वहीं,प्राणायाम से पहले दो मिनट कपालभाति करें। इससे षरीर की षुद्धि होती है। फिर एक मिनट आराम देने के बाद प्राणायाम करें। षरीर में करीब 72 हजार नाड़िया होती है। ये सभी अनुलोम-विलोम से सक्रिय हो जाती है। सबसे अंत में करीब 25 मिनट मेडिटेषन करें। खाने के चार द्यंटे बाद ही योग-प्राणायाम करना चाहिए।

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