लॉकडाउन में ज्‍यादा बढ़ गया है वजन, तो भी खुद को जिम में झौंक देना ठीक नहीं

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हम जानते हैं कि आप जल्दी से इस लॉकडाउन में बढ़े वजन को कम करके मसल्स गेन करना चाहती हैं। लेकिन आपके पुराने वर्कआउट को फिर से शुरू करना रिस्की हो सकता है।

हम समझ सकते हैं कि घर में बंद-बंद आपका वजन और कमर का घेरा दोनों ही बहुत बढ़ गया है। अनलॉक 3 में जब जिम खुल चुके हैं, तब आप जल्‍द से जल्‍द मेहनत करके इस बढ़े हुए वजन से छुटकारा पा लेना चाहती हैं। पर संभलकर! कहीं यह जल्‍दबाजी आपकी किडनी के लिए मुश्किल न खड़ी कर दे।

अगर आप फिर से जिम जाने लगे हैं या जाने का मन बना रहे हैं तो हम आपको पहले कुछ जानकारी देना चाहेंगे। हम जानते हैं कि आप जिम वापस जाने के लिए बहुत उत्सुक हैं लेकिन आपकी लापरवाही आपके स्वास्थ्य के लिए भारी पड़ सकती है। इतने समय के बाद एकदम से वर्कआउट करने से आपके शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ता हैखासकर आपकी किडनी पर।

 

राबडोमयोलाइसिस

यह एक किडनी डिसऑर्डर हैजो बहुत वर्कऑउट करने पर होता है। जब आप बहुत लंबे गैप के बाद एक्सरसाइज करती हैंतो मांसपेशियों पर प्रभाव पड़ता है। एकदम से अधिक वर्कआउट करने पर मसल्स डैमेज होती हैंजिसके कारण हमें दर्दअकड़न और थकान महसूस होती है। लेकिन यही डैमेज अगर ज्यादा हो तो राबडोमयोलाइसिस हो सकता है।

क्या होता है राबडोमयोलाइसिस?

राबडोमयोलाइसिस
राबडोमयोलाइसिस

टिश्यू डैमेज होने पर मायोग्लोबिन नामक एक प्रोटीन टिश्यू से निकलता है और खून में मिल जाता है। मायोग्लोबिन मांसपेशियों में एक्स्ट्रा ऑक्सीजन रखने का काम करता है। लेकिन खून में मिलने से यह किडनी पर दुष्प्रभाव डालता है।

क्या हैं राबडोमयोलाइसिस के लक्षण?

रीजेंसी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटललखनऊ के डायरेक्टर ऑफ रीनल साइंस डॉक्टर दीपक धवन (MD, DM नेफ्रोलॉजी) राबडोमयोलाइसिस को बहुत खतरनाक बताते हैं। डॉ धवन कहते हैं,”राबडोमयोलाइसिस के लक्षणों में पेट के निचले हिस्से में दर्दकमजोरीक्रैम्प्सगहरे रंग की पेशाब होना और बहुत कम पेशाब होना शामिल है।” इससे कई बार मरीजों का लिवर भी डैमेज हो जाता है।

क्यों होता है राबडोमयोलाइसिस?

राबडोमयोलाइसिस
राबडोमयोलाइसिस

जब आप अपनी मांसपेशियों पर ज़रूरत से ज्यादा दबाव डालते हैं तो मसल्स में डैमेज होता है जिसके कारण राबडोमयोलाइसिस होता है। गलत एक्सरसाइजबिना गाइडेंस वर्कआउट करना भी समस्या को बढ़ावा देता है।

हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है। उनका मेटाबॉलिज्मकैलोरी की ज़रूरत और मांसपेशियों का स्ट्रेन्थ अलग होता है। ऐसे में बिना गाइडेंस एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए।

 

अगर आप घर पर वर्कआउट कर रहे थेतो जिम में कोई समस्या नहीं होगी

अगर आप लॉकडाउन के दौरान अपने वर्कआउट रूटीन को फॉलो कर रही थीं तो आपको जिम में कोई समस्या नही आएगी। फिर भी एक हफ्ते अपनी एक्सरसाइज कम रखें और धीरे-धीरे पुराने रूटीन में वापस आयें।

एकदम से बॉडी को स्ट्रेन न करेंबल्कि धीरे-धीरे वर्कआउट की आदत में आएं।

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