yoga asanas to fight coronavirus

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कोरोना वायरस सीधे फेफड़ों पर असर करता है। इससे शरीर में प्राण वायु की कमी हो जाती है। इस कमी को पूरा करने के लिए योग में कुछ आसान उपाय बताए गए है। प्राणयाम,जलनेति का नियमित अभ्यास शरीरमें प्राण वायु का संचार करता है। इससे शवसन तंत्र मजबूत होता ह और शरीरका आंतरिक ढ़ंाचा मजबूत बनता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को भी मजबूत होती है। इम्युनिटी जितनी मजबूत होगी, बीमारी की आषंका उतनी ही कम होगी। इम्युनिटी बढ़ान के हमारे रोजमर्रा की कुछ छोटी-छोटी आदतें भी बहुत उपयोगी हो सकती है।

मसलन हंसी भी हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाती है। इसलिए मुस्कान को हमेषा चेहरे पर बनाए रखें। इसके अलावा हल्दी वाला दूध पिएं, तुलसी के पतों को कम से कम 7 बार में 1 दिन जरूर खाएं। गिलोय का काढा पिएं। इससे भी इम्युनिटी बढ़ती है।

इम्युनिटी,फेफड़ों और ष्वसन तंत्र को मजबूत बनाने में प्राणायाम बहुत मदद करता है।

ये तीन सरल प्राणायामः-

भस्त्रिका प्राणायामः-

bhastrika-pranayama

कैसे करेंः-

शवसन तंत्र को मजबूत बनाने के लिए भस्त्रिका प्राणायाम सबसे कारगर है। इस योग को करने के लिए गर्दन और रीढ़ को एकदम साीधा रखकर पद्यासन में बैठा जाता है। दोनो हाथों को द्युटनों पर ज्ञान मुद्रा में रखें। इसमें तेजी से सांस खींचाी जाती है और उतनी तेजी से सांस छोडी जाती है। रोजाना महज 2 से 5 मिनट करना ही काफी लाभदायक है।

ये क्यों जरूरीः-

इसमे शरीर में षु़द्व वायु शरीर के अंदर जाती है और अषुद्व वायु बाहर निकल जाती है। फेफड़े मजबूत बनते है। पेट के रोगों में भी लाभ मिलता है। उच्च रक्तचाप, कमर दद और ह्रदय रोगी इसे न करे।

कपालभातिः-

kapalbhati-pranayam

कैसे करेंः-

कपालभाति प्राणायामक करने के लिए ष्वास सामान्य गति से शरीर के अंदर की ओर लेनी होती है और तेज गति से बाहर निकालनी होती है। एक मिनट में 60 बार और कुल 5 मिनट में तीन सौर बार आप सांस बाहर फेंकने की क्रिया करें। कपालभाति के लिए सुबह का समय बेहतर है।

यें क्यो जरूरीः-

जब आप सांस को अंदर और बाहर करत है तो शरीर के भीतर की ग्रंथियों की एक्सरसाइज् होती है। इससे पाचन अंग जैसे अमाषय,लिवर, किडनी, पैनक्रियाज स्वस्थ बनते है। मोटापा,डायबिटीज,कब्ज आदि में यह उपयोगी होता है। इम्युनिटी बढ़ाता है।

अनुलोम-विलोमः-

अनुलोम-विलोम

कैसे करेः-

अनुलोम यानी सीधा और विलोम यानी उल्टा । इसमें नाक के दाएं छेट से गहरी सांस अंदर भरते है। फिर बाई नाक से सांस बाहर निकालते है। नाक के बाएं छेद से सांस लेंते है, दाहिने से निकालते है।

ये क्यों जरूरीः-

अनुलोम-विलोम प्राणायाम से 7 से 8 द्यंटे की अच्छी नींद आएगी। अच्छी नींद से रक्तचाप की षिकायत दूर होगी। तनाव,अवसाद भी दूर होगा। यह शरीर में उर्जा के स्तर को बनाए रखने में सहायक होता है। शरीर के अंदरूनी रिपेरिग के लिए अच्छी नींद जरूरी है। रोज 20 से 25 मिनट योगनिद्रा के अभयास से भी इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है।

वायरस को शरीर में जाने नहीं देगा जलनेति, शवसन तंत्र साफ होता है

कैसे करेः-

जलनेति करने के लिए नमकयुक्त गुनगुना पानी नाक के एक छिद्र से पानी डाला जाता है और नाक के दूसरे मार्ग से पानी को बाहर निकाला जाता है। यह क्रिया नाक,कान और गले के मार्ग की सफाई करने में उपयोगी है।

ये क्यों जरूरीः-

अगर शरीर में वायरस का प्रवेष भी हुआ है तो वह नश्ट हो जाता है। षुरूआती फेज में वायरस इसी मार्ग में रहता हैै। इससे फेफड़ों को भी ताकत मिलती है, क्योकि सफाई से शवसन प्रक्रिया ठीक हो जाती है। यह पांच से सात मिनट के लिए करना चाहिए। इससे साइनस,अस्थमा और शवसन तंत्र से संबधित दूसरे रोगों में भी लाभ मिलता है । इसे विषेशज्ञ की मौजूदगी में करना चाहिए।

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