चेस्ट की कसरत डंबल प्रेस कैसे करें

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फ्लैट बेंच डंबल प्रेस :

बेंच प्रेस के बाद छाती को तैयार करने में दूसरा सबसे अच्छा अभ्यास फ्लैट बेंच डंबल प्रेस है। डंबलडोर पत्रिका आपको छाती के उन क्षेत्रों को प्रभावित करने की स्वतंत्रता देती है, जिन्हें आप बेंच प्रेस में नहीं कर सकते क्योंकि रॉड की एक सीमा होती है उसे आप चेस्ट के नीचे नहीं ले जा सकते। मगर डंबल प्रेस में आप वजन को और नीचे तक ले जा सकते हैं। किसी भी जानकार से पूछ कर देख लें या बॉडी बिल्डिंग से जुड़ी किसी भी और वेबसाइट को खंगाल कर देख लें, इस एक्सरसाइज की तारीफों के पुल बंधे मिलेंगे। अगर आप इसे सही ढंग से करेंगे तो यकीनन ये बड़े काम की है। लेकिन ऐसा करने में, अधिकांश लोग एक ही गलती करते हैं और परिणामस्वरूप परिणाम सही स्थान पर नहीं पहुंचता है। हम आपको बताते हैं कि यह कैसे करना है और क्या नहीं करना है।

1.सबसे पहले, एक फ्लैट बेंच चुनें जो आपके घुटनों से अधिक नहीं है। जितनी अधिक बेंच, उतनी अधिक शक्ति आप उपयोग कर सकते हैं
निषेध करता है। इसके अलावा, आप कमर पर एक वक्र बनाते हैं, जो गलत है।

2. वाजिब वेट के साथ डंबल उठाएं और प्रेस करना शुरू करें। डंबल नीचे आने के बाद आपकी कोहनियों से 90 डिग्री का एंगल बनेगा।

3. ऊपर ले जाने के बाद आप चाहें डंबलों को घुमाकर एक दूसरे से टच कराएं या जैसे नीचे से लाए हैं वैसे ही टच करा लें।छूना
इतना महत्वपूर्ण नहीं है। अधिक वजन के साथ यह थोड़ा कठिन हो सकता है।

4. डम्बल सीधे नीचे आते हैं और सीधे ऊपर जाते हैं। उन्हें स्विंग की तरह आगे और पीछे नहीं खेलना चाहिए।

5. नीचे लाने के बाद अगर थोड़ा और स्ट्रेच करना चाहते हैं तो करें मगर यहां स्ट्रेच करने के बाद रुकें कतई नहीं क्योंकि इससे पावर
कम होती है। आप डंबल ऊपर ले जाकर जरा सा रुक सकते हैं।

6. जब डंबल नीचे आएंगे तो आप सांस भरेंगे और जब ऊपर जाएंगे तो सांस छोड़ेंगे।

7. डंबल चेस्ट के निप्पल के साथ रहेंगे न आगे न पीछे। कई लोग अपनी कोहनियों को इतना पीछे खींच लेते हैं कि वो कंधों से भी
आगे निकलने को हो जाती हैं। समझ लें कि आप रॉड से बेंच प्रेस ही कर रहे हैं। बस रॉड के मुकाबले डंबल थोड़ा और नीचे तक
चले जाते हैं।

8. गर्दन बेंच के नीचे कतई नहीं लटकेगी। हल्का सा उसे उठा सकते हैं। आपकी लोवर बैक भी बेंच के नीचे नहीं झूलेगी। उसे भी बेंच
पर ही रखें।

9. हैवी वेट लगाने की कोशिश करें। ये कसरत साइज और शेप दोनों की है। हैवी वेटलगाएं तो कलाइयों पर पट्टी बांध लें। डंबल को
हमेशा पूरी ग्रिप में अंगूठे सहित पकड़ें।

10. डम्बल सीधे होना चाहिए। कई लोग उसे छाती की ओर झुका कर रखते हैं। यह तब होता है जब आप बहुत अधिक वजन का उपयोग करते हैं मगर उसकी भी एक लिमिट है, बस हल्का सा झुकाना चाहिए ताकि वेट बाहर की ओर न भागे।

ध्यान रखें –

वजन कम करते समय लोग सबसे बड़ी गलती करते हैं। नीचे आने के बाद, लोग अपनी कोहनी को बहुत कम हिलाते हैं और अपने कंधों को फैलाना शुरू करते हैं।ऐसा करने से, यह व्यायाम करने के बजाय फैल जाता है, और खिंचाव मांसपेशियों का निर्माण नहीं करता है और उन्हें कमजोर करता है। अगर आपने बेंच पर सौ किलो रखा हैं। तो आपको 60 से 70 किलो तक डंबल प्रेस लगानी चाहिए।

खास नुस्खा

कई बार लोग भारी डंबल के साथ लेट नहीं जाते हैं। ऐसा करने का एक बहुत ही आसान तरीका है। एक-एक करके डंबल लें और उन्हें अपनी जांघों पर रखें ताकि यह आपके पेट को छूए। दोनों डंबल को जांघ पर गर्भनाल के पास रखें। अब उनके साथ आराम से लेटते हुए डम्बल ले लें। एक दो बार में आपको समझ आ जाएगा कि डंबल को कैसे उठाना है।

आशा करता हूँ की आपको हमारे द्वारा दी गयी जानकारी पसंद आयी होगी . यदि आपके पास कोई प्रश्न या कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो आप हमारी साइट या हमारे फेसबुक पेज पर टिप्पणी करके पूछ सकते हैं।

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